फगानिस्तान में आतंकियों ने फिर फिर एकबार कहर बरपाया है। जबकि इसबार इनका निशाना कोई धर्म स्थान या कब्रिस्तान नहीं हैं बल्कि इस बार इन आतंकियों ने शिक्षा के मंदिर को ही निशाना बनाया है और निहत्थे बच्चों को मौत के घाट उतार दिया है। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में देर सोमवार (०२/११/२०२०) शाम को आतंकियों ने बड़ा हमला किया। काबुल यूनिवर्सिटी में लगे बुक फेयर में घुसे 3 बंदूकधारियों ने छात्रों पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। खबरों की माने तो इस हमले में 20 से अधिक छात्रों की मौत हुई है जबकि 40 से अधिक घायल हैं। अफगान गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि सुरक्षाबलों ने तीनों हमलावरों को मार गिराया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के उत्तरी गेट पर धमाका होने के बाद गोलीबारी शुरू हुई। न्यूज चैनलों पर चल रही फुटेज में कई छात्र यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर बचने के लिए भागते हुए दिख रहे हैं।

दूसरी तरफ, सुरक्षा बल अंदर फंसे छात्रों को निकाल रहे हैं। अब तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। तालिबान का कहना है कि इस हमले में उसके सदस्य शामिल नहीं हैं। घटना के बाद हाई काउंसिल फॉर नेशनल रिकॉन्सिलेशन के प्रमुख अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने ट्वीट किया कि मैं काबुल में किए गए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाना जघन्य अपराध है। छात्रों को शांति से पढ़ाई करने का अधिकार है। पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति मेरी गंभीर संवेदना है। जबकि काबुल यूनिवर्सिटी की स्थापना 1932 में हुई थी। यह अफगानिस्तान की सबसे पुरानी, बड़ी और प्रतिष्ठित पब्लिक यूनिवर्सिटी है। इसमें 21 फैकल्टीज, 89 से ज्यादा डिपार्टमेंट, 896 एकेडमिक फैकल्टीज मेंबर और 17197 स्टूडेंट्स हैं।

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