वैसे तो देश के किसी न किसी राज्य या क्षेत्र से समय-समय पर प्रधानमंत्री आवास योजना में धांधली की खबरें आती रहती है लेकिन धांधली को लेकर जो कुछ ख़बरें पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से आई है वह वाकई काफी गंभीर है। उत्तर 24 परगना जिले की बशीरहाट नगरपालिका के चेयरमैन के वार्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे घरों को लेकर भ्रष्टाचार के जो आरोप लगे हैं उसमें लाभार्थी का पासबुक पर हस्ताक्षर करने से मना करने पर चेयरमैन के सामने ही नंगा करके प्रताड़ित किया गया। जबकि कई लाभार्थियों के चेकबुक पर हस्ताक्षर नहीं करने पर उसका बैंक पासबुक छीनने की धमकी भी दी गई, कईयों के पासबुक छीन भी लिए गए। इन वारदातों के लिए चेयरमैन के करीबी मसिबर रहमान मंडल पर आरोप लगा है। मसिबर के खिलाफ पुलिस थाने, एसडीपीओ और एसपी के पास शिकायत दर्ज कराई गई है। जबकि 30 से अधिक लोगों के साथ धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं।

नगरपालिका के वार्ड नंबरपांच के नैहाटी और पश्चिम दंडीरहाट इलाके का यह मामला है। वहां के पार्षद तपन सरकार ही नगरपालिका के चेयरमैन भी हैं। मुख्य शिकायतकर्ता इस्माइल सरदार ने बताया कि 2016 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके नाम पर एक घर आवंटित किया गया था लेकिन मसिबर रहमान ने उनसे उनका बैंक पासबुक ले लिया और धमकी दी कि वह एक भी ईंट नहीं लगने देगा। उन्हें चेकबुक पर हस्ताक्षर नहीं करने पर मारा-पीटा भी गया। उनके बैंक खाते से 3,77,000 रुपये निकाल लिए गए। इस बीच चार साल बीत गए लेकिन घर का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। न दरवाजे लगे हैं और न खिड़कियां। प्लास्टर भी नहीं हुआ है। यही आरोप जौहर अली, सुमित्रा विश्वास और नूर इस्लाम नामक लोगों ने भी लगाए हैं। इस बारे में पूछे जाने पर, तपन सरकार ने कहा- ‘मामला पूरी तरह से झूठा है लेकिन अगर मसिबर के नाम पर कोई आरोप है तो मैं इस मामले को देखूंगा। पुलिस पर आरोप है कि शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद इस संबंध में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

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