मुंबई पुलिस के विवादित अधिकारी सचिन वाजे को एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया है। मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित बहुमंजिला आवास एंटीलिया के बाहर मिली संदिग्ध कार और उसमें बरामद किए गए बम बनाने के सामान के मामले में ये कार्रवाई हुई है। उस कार के मालिक मनसुख हिरेन भी कुछ दिनों बाद मृत पाए गए थे और परिजनों ने सचिन वाजे पर उनकी हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। सचिन वाजे के खिलाफ IPC की धारा-120B (आपराधिक षड्यंत्र), 286 (किसी विस्फोटक पदार्थ के बारे में उपेक्षापूर्ण आचरण), 465 (कूटरचना), 473 (कूटरचना करने के आशय से कूटकृत मुद्रा को बनाना या कब्जे में रखना) और 506(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सचिन वाजे ने इससे पहले सोशल मीडिया पर एक संदेश पोस्ट कर के आरोप लगाया था कि उनके साथी ही उन्हें गलत मामलों में फँसा रहे हैं। उन्होंने लिखा था कि अब दुनिया को अलविदा कहने का समय नजदीक आ गया है। NIA को सचिन वाजे के खिलाफ कई मजबूत सबूत मिले हैं, जिसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। NIA अगर किसी मामले की जाँच कर रहा होता है तो उसके पास शक्ति है कि वो उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जाँच करे। ऐसे में, NIA जल्द ही मंसूख हिरेन की कथित हत्या का मामला भी अपने हाथ में ले सकता है। जैसा कि आप जानते हैं सचिन वाजे कई वर्षों तक शिवसेना के नेता रहे हैं। वाजे ने अपने व्हाट्सएप्प स्टेटस में लिखा था, “मेरे साथी अधिकारी मुझे झूठा फँसाना चाहते हैं। तब शायद मेरे पास 17 साल की आशा, धैर्य, जीवन और सेवा भी थी। अब मेरे पास न तो 17 साल का जीवन होगा और न ही सेवा और न ही जीने के लिए धैर्य।” इसके 1 घंटे बाद ही वो NIA दफ्तर पहुँचे थे और 12 घंटे पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी हुई है। साथ ही यह भी खुलासा हुआ है कि जिस स्कार्पियो गाड़ी से सचिन वाजे ने अर्णव गोस्वामी को गिरफ्तार कर ले गए थे वहीं गाड़ी है जो विस्फोटकों के साथ अंबानी के घर के बाहर मिली थी और वाजे ही उसका इस्तेमाल कर रहे थे। ऐसे में यह केस एक बेहद उलझा हुआ मालूम होता है और इसकी कहानी के तार दूर तक राजनीति को झकझोरेंगे।

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