अब भारत सरकार के एक और मंत्रालय का नाम बदला जायेगा या यों कहें उस मंत्रालय का नाम बदलकर विस्तार किया जायेगा। इसकी सूचना स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (08/11/2020) को सूरत के हजीरा और भावनगर के घोघा के बीच रो-पैक्स फेरी सर्विस शुरू करने के प्रोग्राम में बोलते हुए दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ‘मिनिस्ट्री ऑफ शिपिंग’ का नाम बदलकर ‘मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स, शिपिंग एंड वॉटरवेज’ किया जाएगा। सूरत के हजीरा और भावनगर के घोघा के बीच रो-पैक्स फेरी सर्विस शुरू करने से दोनों जगहों के बीच की समुद्र के रास्ते दूरी सिर्फ 90 किमी रह जाएगी। यह सड़क के रास्ते की तुलना में 370 किमी कम होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि समुद्री इलाके को आत्मनिर्भर भारत अभियान का अहम हिस्सा बनाने के लिए यह काम किया जाना नितांत आवश्यक था और इसी को ध्यान में रखकर यह किया जा रहा रहा है। जबकि इस काम में बेहतर समन्वय एवं सहयोग के लिए भारत सरकार के सम्बंधित मंत्रालय का पुनर्गठन किया जाना भी उतना ही आवश्यक था। अतः सरकार की कोशिशों में तेजी लाने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब मिनिस्ट्री ऑफ शिपिंग का विस्तार किया जा रहा है। मोदी का मानना है कि ‘मंत्रालय के नाम में क्लेरिटी होने से काम में भी क्लेरिटी आएगी’ तथा समझने-समझाने में भी सहूलियत होगी। प्रधानमंत्री आगे कहते हैं कि ज्यादातर विकसित देशों में शिपिंग मिनिस्ट्री के जिम्मे पोर्ट्स और वॉटरवेज भी होते हैं। भारत में भी शिपिंग मिनिस्ट्री पोर्ट्स और वॉटरवेज से जुड़ा काफी काम संभालती है। इसके नाम में क्लेरिटी होने से काम भी क्लेरिटी आएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *